ज़िन्दगी में अभी तो बहुत चलना बाकी है, अभी तो कई इम्तेहानों से गुज़ारना बाकी है, हमें लड़ना है ज़िन्दगी कि सभी मुश्किलों से, अभी तो नापी है बस मुट्ठी बार ज़मीन, अभी तो सारा आसमान नापना बाकी है…
इंसानों के कन्धों पर इंसान जा रहे हैं, कफ़न में लिपटे हुए कुछ अरमान जा रहे हैं, जिन्हे मिली मोहब्बत में बेवफाई, वफ़ा कि तलाश में वो कब्रिस्तान जा रहे हैं…
"विक्रमसिंह" की आह से पानी मे भी अंगारे दहक जाते हैं हमसे मिलकर मुर्दों के भी दिल धड़क जाते हैं .. गुस्ताख़ी मत करना हमसे दिल लगाने की सभी ; "विक्रमसिंह" की नज़रों से टकराकर मय के प्याले चटक जाते है
तेरे वादे पे ऐतबार न करते तो क्या करते ! आरज़ू -ए -दिल को बेकरार न करते तो क्या करते !! उसने देखा ही ऐसी मासूमियत से जाते जाते ! ता उम्र उसका इंतज़ार न करते तो क्या करते !!