जिंदगी के रंग कितने निराले हैं ! साथ देने वाला हर कोई है लेकिन हम अकेले हैं !! पानी है मंजिल हमें मगर रास्तों में रुकावटे हैं ! खुशियों में सब साथ हैं, गमों में सब पराये हैं!!
उनका हाल भी कुछ आप जैसा ही होगा ! आपका हाले दिल उन्हें भी महसूस होगा !! बेकरारी के आग में जो जल रहे हैं आप ! आपसे ज्यादा उन्हें इस जलन का एहसास होगा !!
हर बार मुझे जख्म ए दिल ना दिया कर ! तू मेरी नहीं तो मुझे दिखाई ना दिया कर !! सच-झूठ तेरी आँखों से हो जाता हैं जाहिर ! क़समें ना खा, इतनी सफाई ना दिया कर !!
दोस्त कह कर दोस्त से दगा कर बैठा ! वो आज एक ऐसा खता कर बैठा !! कहता था तुझे कभी हम खपा ना होने देगे ! आज वो खुद ही हमें खपा कर बैठा !! आदत थी उसे सबोके गमो को दूर करने की लेकिन ! हमारे लिए ही वो गमो की दुआ कर बैठा !!