वो नदियाँ नहीं आंसू थे मेरे! लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप सितंबर 14, 2015 वो नदियाँ नहीं आंसू थे मेरे! जिस पर वो कश्ती चलाते रहे! मंजिल मिले उन्हें यह चाहत थी मेरी! इसलिए हम आंसू बहाते रहे! लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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