रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप अप्रैल 09, 2015 रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं !कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं !!ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज !हाथ में जाम हैं,मगर पिने का होश नहीं !! लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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