कब साथ निभाते हैं लोग !

कब साथ निभाते हैं लोग !
आँशु की तरह बिछर जाते हैं लोग !!
वो ज़माना और था लोग रोते थे गैरो के लिए !
आज तो अपनों को रुला कर मुस्कुराते हैं लोग !!

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