आगोश-ए-सितम में ही छुपा ले कोई ! लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप अप्रैल 12, 2015 आगोश-ए-सितम में ही छुपा ले कोई !तनहा हूँ तड़पने से बचा ले कोई !!सुखी हैं बरी देर से पलकों की जुबान !बस आज तो जी भर के रुला दे कोई !! लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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